जीएसटी के अंतर्गत इनवॉयस संबंधी जरूरी जानकारियाँ
जीएसटी के अंतर्गत इनवॉयस संबंधी जरूरी जानकारियाँ
इनवॉयस (बीजक) बनाना प्रत्येक व्यवसाय के लिए टैक्स अनुपालन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। जीएसटी के अंतर्गत इनवॉयस बनाने संबंधी नियमों की जानकारी होना जरूरी है। आइए इसे विस्तार से समझें।
मौजूदा टैक्स व्यवस्था में इनवॉयस बनाना
मौजूदा टैक्स व्यवस्था में दो तरह के इनवॉयस दिए जाते हैं:
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- टैक्स इनवॉयस – यह निबंधित विक्रेताओं को जारी किया जाता है और इसे टैक्स के क्रेडिट का दावा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मौजूदा टैक्स व्यवस्था में दो तरह के टैक्स इनवॉयस होते हैं – नियम 11 एक्साइज इनवॉयस और टैक्स इनवॉयस । इन दोनों का प्रारूप नीचे दर्शाया गया है।

- टैक्स इनवॉयस – यह निबंधित विक्रेताओं को जारी किया जाता है और इसे टैक्स के क्रेडिट का दावा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मौजूदा टैक्स व्यवस्था में दो तरह के टैक्स इनवॉयस होते हैं – नियम 11 एक्साइज इनवॉयस और टैक्स इनवॉयस । इन दोनों का प्रारूप नीचे दर्शाया गया है।
- खुदरा या कॉमर्शियल इनवॉयस – इसे अनिबंधित विक्रेता या खुदरा ग्राहक को जारी किया जाता है और इसे टैक्स क्रेडिट के दावे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। मौजूदा टैक्स व्यवस्था में लागू खुदरा इनवॉयस का नमूना नीचे दर्शाया गया है।

जीएसटी व्यवस्था में इनवॉयस बनाना
जीएसटी व्यवस्था में दो तरह के इनवॉयस जारी होंगे:
- टैक्स इनवॉयस
- आपूर्ति का बिल (बिल ऑफ सप्लाई)
टैक्स इनवॉयस
जब कोई निबंधित कर योग्य व्यक्ति कर योग्य वस्तु या सेवा की आपूर्ति करता है, तब टैक्स इनवॉयस जारी किया जाता है। टैक्स इनवॉयस में अपेक्षित विवरणों से संबंधित नियमों के आधार पर टैक्स इनवॉयस का नमूना नीचे दर्शाया गया है।

टैक्स इनवॉयस जारी करने की समय सीमा क्या है?
| वस्तुओं की आपूर्ति | अगर आपूर्ति में सामान पहुँचाना सम्मिलित है,तोसामान हटाने के पहले या उसी समय ही टैक्स इनवॉयस अवश्य जारी किया जाना चाहिए
उदाहरण – मान लें कि कार निर्माता, सुपर कार्स लिमिटेड अपने विक्रेता रविन्द्र ऑटोमोबाइल्स को कारों की आपूर्ति करता है, तो सुपर कार्स लिमिटेड के परिसर से कारों को निकालने के समय ही इनवॉयस जारी हो जाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इस आपूर्ति में कारों को रविन्द्र ऑटोमोबाइल्स के परिसर में पहुँचाना सम्मिलित है। अथवा प्राप्तकर्ता के यहाँ सामानों की डिलीवरी, जिसकी आपूर्ति में सामान का मूवमेंट जरूरी नहीं है उदाहरण – मान लें कि सुपर कार्स लिमिटेड एक जेनरेटर सेट खरीदता है जिसे आपूर्तिकर्ता द्वारा कारखाना परिसर में असेम्बल और इंस्टॉल किया जाएगा। इस मामले में चूँकि आपूर्ति के लिए जेनरेटर सेट ले जाने की जरूरत नहीं है, इसलिए सुपर कार्स लिमिटेड को जेनरेटर सेट उपलब्ध कराते समय इनवॉयस अवश्य जारी किया जाना चाहिए। |
| सेवाओं की आपूर्ति | टैक्स इनवॉयस सेवा की आपूर्ति के 30 दिनों के भीतर अवश्य जारी हो जाना चाहिए। आपूर्तिकर्ता यदि कोई बैंक या वित्तीय संस्थान है, तो सेवा की आपूर्ति के 45 दिनों के भीतर इनवॉयस अवश्य जारी कर देनी चाहिए। |
नोट: अगर रिवर्स चार्ज पर टैक्स अदा करने वाला कोई व्यक्ति अनिबंधित आपूर्तिकर्ता से सामान प्राप्त करता है, तो उस स्थिति में प्राप्तकर्ता द्वारा सामान या सेवा प्राप्त करने के दिन ही इनवॉयस अवश्य जारी कर दिया जाना चाहिए।
टैक्स इनवॉयस की कितनी प्रतियों की जरूरत है?
वस्तुओं की आपूर्ति के लिए इनवॉयस की तीन प्रतियाँ जरूरी होती हैं – ओरिजिनल, डुप्लीकेट और ट्रिप्लीकेट (मूल, दूसरी और तीसरी)।
ओरिजिनल इनवॉयस (मूल प्रति): मूल इनवॉयस प्राप्तिकर्ता को जारी किया जाता है और इस पर ‘ओरिजिनल फॉर रेसिपीअंट’ लिखा रहता है।
डुप्लीकेट कॉपी (दूसरी प्रति): दूसरी प्रति ट्रांसपोर्टर के लिए जारी की जाती है और इस पर ‘डुप्लीकेट फॉर ट्रांसपोर्टर’ लिखा रहता है। अगर आपूर्तिकर्ता को इनवॉयस रेफरेंस नम्बर मिल चुका है तो इसकी जरूरत नहीं होती। जब कोई आपूर्किर्ता अपने द्वारा जारी टैक्स इनवॉयस को जीएसटी पोर्टल में अपलोड करता है, तब उस समय उसे इनवॉयस रेफरेंस नम्बर दे दिया जाता है। यह इनवॉयस अपलोड करने की तिथि से 30 दिनों के लिए वैध रहता है।
ट्रिप्लीकेट कॉपी (तीसरी प्रति): यह प्रति आपूर्तिकर्ता के पास रह जाती है और इस पर ‘ट्रिप्लीकेट फॉर सप्लायर’ लिखा रहता है।

सेवाओं की आपूर्ति के लिए इनवॉयस की दो प्रतियों की जरूरत होती है-
- ओरिजिनल इनवॉयस (मूल प्रति): इनवॉयस की मूल प्रति प्राप्तिकर्ता को दी जाती है इस पर ‘ओरिजिनल फॉर रेसीपीअंट’ लिखा रहता है।
- डुप्लीकेट कॉपी (दूसरी प्रति): डुप्लीकेट कॉपी आपूर्तिकर्ता के लिए होती है और इस पर ‘डुप्लीकेट फाॅर सप्लायर’ लिखा रहता है।

निर्यात के लिए टैक्स इनवॉयस में क्या-क्या विवरण रहते हैं?
निर्यात इनवॉयस में, टैक्स इनवॉयस के लिए जरूरी विवरणों के अलावा, निम्नलिखित विवरण रहते हैं:
| निर्यात इनवॉयस |
|---|
| इसमें “आइजीएसटी के भुगतान पर निर्यात के लिए आपूर्ति” या “बाँड के अंतर्गत आइजीएसटी भुगतान के बगैर निर्यात के लिए आपूर्ति” लिखा हुआ होना चाहिए। |
| प्राप्तिकर्ता का नाम और पता |
| सुपुर्दगी के स्थान का पता (डिलीवरी ऐड्रेस) |
| एआरई-1 (निर्यात के लिए माल निकालने हेतु आवेदन) की संख्या और तिथि |
आपूर्ति का बिल (बिल ऑफ सप्लाई)
निम्नलितखत मामलों में निबंधित आपूर्तिकर्ता द्वारा आपूर्ति का बिल जारी किया जाना जरूरी है:
- छूट-प्राप्त वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति
- आपूर्तिकर्ता कम्पोजीशन स्कीम के तहत कर अदा कर रहा है
आपूर्ति के बिल में अपेक्षित विवरणों से संबंधित नियमों के आधार पर आपूर्ति के बिल का नमूना नीचे दर्शाया गया है।

आपूर्ति की गई वस्तुओं या सेवाओं का मूल्य 100 रुपये से कम होने पर आपूर्ति का बिल देना तब तक जरूरी नहीं है जब तक कि प्राप्तिकर्ता द्वारा इसके लिए जोर नहीं दिया जाये। हालांकि, दिन भर के कारोबार के अंत में उन सभी आपूर्तियों के लिए, जिनके बदले में आपूर्ति का बिल नहीं दिया गया है, एक संयुक्त आपूर्ति बिल तैयार कर लेना चाहिए।
पहले जारी किए जा चुके इनवॉयस के मूल्यों में सुधार कैसे करेंगे?
इनवॉयस में चार्ज किए गए कर योग्य मूल्य या जीएसटी में सुधार के लिए आपूर्किर्ता द्वारा एक डेबिट नोट या सप्लीमेंटरी इनवॉयस या क्रेडिट नोट अवश्य जारी किया जाना चाहिए।
डेबिट नोट/सप्लीमेंटरी इनवॉयस- इसे मूल इनवॉयस में चार्ज किए गए कर योग्य मूल्य और/या जीएसटी में बढ़ोतरी दर्ज करने के लिए आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी किया जाता है।
क्रेडिट नोट- इसे मूल इनवॉयस में चार्ज किए गए कर योग्य मूल्य और/या जीएसटी में बढ़ोतरी दर्ज करने के लिए आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी किया जाता है। क्रेडिट नोट को जिस वित्त वर्ष में आपूर्ति की गई थी उस वित्त वर्ष की समाप्ति अथवा संबंधित वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तिथि, जो पहले आए, के बाद वाली 30 सितम्बर के दिन या उससे पहले अवश्य जारी कर देना चाहिए।
क्रेडिट नोट जारी करने की समय सीमा को एक उदाहरण से समझा जा सकता है।
उदाहरण
मान लें, सुपर कार्स लिमिटेड अपने विक्रेता रविन्द्र ऑटोमोबाइल्स को 1 नवम्बर 2017 के दिन 6,00,000 रुपये का स्पेयर पार्ट्स बेचता है। 2 नवम्बर 2017 को रविन्द्र ऑटोमोबाइल्स 1,00,000 रुपये मूल्य के स्पेयर पार्ट्स क्षतिग्रस्त होने के कारण लौटा देता है। सुपर कार्स लिमिटेड लौटाए गए माल के लिए एक क्रेडिट नोट खड़ा करना चाहता है।
अब दो परिस्थितियों के अनुसार उस अंतिम तिथि का हिसाब लगायें जिस तिथि तक क्रेडिट नोट जारी हो जाना चाहिए –
स्थिति 1- उन्होंने वित्त वर्ष 2017-18 का वार्षिक रिटर्न 1 दिसम्बर 2018 को दाखिल किया है।
स्थिति 2- उन्होंने वित्त वर्ष 2017-18 का वार्षिक रिटर्न 31 मई 2018 को दाखिल किया है।
| स्थिति | मूल आपूर्ति की तारीख | वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तारीख | क्रेडिट नोट जारी करने की अंतिम तारीख तय करने की शर्त | क्रेडिट नोट जारी करने की अंतिम तारीख |
|---|---|---|---|---|
| स्थिति 1 | 1 नवम्बर 2017 | 1 दिसम्बर 2018 | आपूर्ति वाले वित्त वर्ष के अंत या वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तारीख, जो पहले हो, के बाद वाला 30 सितम्बर | 30 सितम्बर 2018 |
| स्थिति 2 | 31 मई 2018 | 31 मई 2018 |
डेबिट नोट्स, सप्लीमेंटरी इनवॉयस और क्रेडिट नोट्स में कौन-से विवरण सम्मिलित रहने चाहिए?
डेबिट नोट्स, सप्लीमेंटरी इनवॉयस और क्रेडिट नोट्स में निम्नलिखित विवरण अवश्य रहने चाहिए:
| डेबिट नोट्स/सप्लीमेंटरी इनवॉयस /क्रेडिट नोट्स |
|---|
| डॉक्युमेंट का प्रकार प्रमुखता से दर्शाया गया होना चाहिए, जैसे कि ‘संशोधित इनवॉयस ’ या ‘सप्लीमेंटरी इनवॉयस’ |
| आपूर्किर्ता का नाम, पता एवं जीएसटीआइएन |
| वित्त वर्ष के लिए विशिष्ट, केवल अक्षरों और/या संख्याओं वाली सिलसिलेवार क्रम संख्या |
| डॉक्युमेंट जारी करने की तारीख |
| यदि प्राप्तिकर्ता निबंधित है – प्राप्तिकर्ता का नाम, पता और जीएसटीआइएन/युनिक आइडी नम्बर |
| यदि प्राप्तिकर्ता अनिबंधित है – प्राप्तिकर्ता का नाम, पता और राज्य के नाम एवं कोड के साथ डिलीवरी का पता |
| मूल टैक्स इनवॉयस या आपूर्ति का बिल की क्रम संख्या एवं तारीख |
| वस्तुओं या सेवाओं का कर योग्य मूल्य, कर की दर और प्राप्तिकर्ता को क्रेडिट या डेबिट की गई कर की राशि |
| आपूर्किर्ता या उसके अधिकृत प्रतिनिधि का हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर |
